…ये मगरमच्छ मांस के बजाए खाता है चावल!

  By : Bankatesh Kumar | February 27, 2018
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नई दिल्ली। मगरमच्छ का नाम सुनते ही किसी को भी डर सताने लगता है। वह एक ऐसा प्राणी है जिसके जबड़ों के बीच एक बार आ जाने के बाद तो मौत निश्चित है। यहां तक कि जल में मगरमच्छ से हाथी और शेर जैस जानवर भी टकराने से डरते हैं। क्योंकि मगरमच्छ बड़े से बड़े जानवर को पानी में मारकर खा जाता है। लेकिन आज मैं आपको एक ऐसे मगरमच्छ के बारे में बताने जा रहा हूं जो शाकाहारी है।

जी हां हम बात कर रहे हैं केरल के अनंतपुरा लेक टेम्पल की झील में रहने वाले एक मगरमच्छ के बारे में। इसके बारे में पुजारियों का दावा है कि यह पूरी तरह से शाकाहारी है। इस मगरमच्छ का नाम बबिआ है और यह इस मंदिर की रखवाली करता है। मंदिर के आगे जिस झील में यह रहता है वहां रोज कई श्रद्धालु नहाते हैं, लेकिन यह मगरमच्छ किसी को भी किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता है। वहीं कई बार तो बबिआ झील में नहाने वाले लोगों के बिल्कुल करीब आ जाता है, लेकिन किसी को कोई नुक्सान नहीं पहुंचाता। कहा जाता है कि इस मगरमच्छ को देखने के लिए ही ज्यादातर लोग झील में स्नान करने आते हैं।

पुजारियों का कहना है कि बबिया के खाने का टाइम भी फिक्स है। दोपहर की पूजा के बाद बबिया चावल और गुड़ का बना प्रसाद खाता है। मंदिर प्रशासन का दावा है कि पिछले 150 सालों से इस तालाब में मगरमच्छ दिख रहे हैं, मगर एक बार में सिर्फ एक ही मगरमच्छ दिखाई देता है। एक मगरमच्छ के मरने पर दूसरा अपने आप आ जाता है, लेकिन यह मगरमच्छ कैसे, कहां से आता है इस बात की जानकारी किसी के पास नहीं है। पुजारियों की मानें तो शाकाहारी होने की वजह से झील में रहने वाली मछलियां भी बबिया की दोस्त बन गई हैं। क्योंकि मगरमच्छ के आस-पास बड़ी-बड़ी मझलियां रहती हैं। वहीं कई पुजारियों का कहना है कि बबिया पिछले 60 सालों से इस मंदिर की पहरेदारी कर रहा है।

बता दें शाकाहारी होने के चलते बबिया पूरे प्रदेश में फेमस है। इसी दूर-दूर से लोग देखने के लिए आते है। इसके दर्शन के लिए लोग हाथों में कैमरे लेकर घंटों झील की पाल पर इंतजार भी करते हैं।