जब ग्राम प्रधान लिखित में देंगे ‘दूल्हा नहीं है शराबी, तब होगी शादी’

  By : Team Khabare | March 13, 2018 1:55 pm

भोपाल। मध्य प्रदेश में एक अनूठी पहल की गयी है और इस पहल को एक तबका तेजी से अमली जामा पहनाने पर भी आमदा है। सूबे में शराबी और जुआ खेलने वाले दूल्हों से परेशान एक महापंचायत एक नये नियम को लागू करने की योजना बना रहा है। इसके पिछे महापंचायत का मुख्य उद्देश्य युवाओं को शराब और जुआ की लत से दूर रखना है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्यप्रदेश के श्योपुर के बगवाज गांव में आदिवासी समाज की महापंचायत 18 मार्च को होने वाली है। इस महापंचायत में ये ऐलान किया जायेगा कि, अब युवाओं की सगाई तभी संभव है जब उनके गांव के मुखिया स्वयं लिख कर देंगे कि, उक्त युवक न तो शराब पीता है और न ही जुआ खेलता है।

यानी कि, पंचायत के इस फरमान के अनुसार शादी करने के लिए युवकों को ग्राम प्रधान से एनओसी लेनी पड़ेगी। इतना ही नहीं जब गांव का प्रधान या फिर पटेल इस बात को लिखित में देगा तो उस युवक की जिम्मेवारी भी उन्हीं पर होगी। यदि भविष्य में उक्त युवक दोषी पाया जाता है तो युवक के साथ ही प्रधान पर भी कार्यवाही की जायेगी।

दरअसल ये फैसला आदिवासी समाज के हित को ध्यान में रखकर किया गया है। मध्य प्रदेश के आदिवासी समुदाय में शराब और जुआ का चलन तेजी से बढ़ रहा था। इस बारे में उपाध्यक्ष सतीश आदिवासी ने बताया कि, ” यह कदम समाज द्वारा इसलिए उठाया जा रहा है ताकि युवकों की शराब और जुआ खेलने की लत छूट सके।

नियम का हुआ उलंघन तो मिलेगी सजा —

इस महापंचायत में ये भी फैसला किया जायेगा कि, यदि कोई भी व्यक्ति, समुदाय या फिर परिवार महापंचायत के इस फैसले को नहीं मानेगा या फिर नियमों का उलंघन करेगा तो उसे सजा भी दी जायेगी। फिलहाल पंचायत में सजा पर चर्चा हो रही है लेकिन खबर है कि, यदि कोई परिवार नियमों को मानने से इंकार करता है तो उसे 11-11 हजार रुपए का जुर्माना किया जायेगा।