जज की कार से भिड़ना वकील दंपति को पड़ा भारी, लाइसेंस कैंसिल

  By : Rahish Khan | August 13, 2018 12:56 pm
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चेन्नई। तमिलनाडु में एक वकील दंपत्ति को हाईकोर्ट के जज की गाड़ी से भिड़ना महंगा पड़ गया। बार काउंसिल ने उनका लाइसेंस कैंसिल कर दिया। काउसिंल का कहना है कि दोनों ने जानबूझकर दुर्व्यवहार किया है। इसलिए वकील दंपति को अगले आदेश तक किसी कोर्ट, ट्रिब्यूनल या अर्ध न्यायिक ट्रिब्यूनल में प्रैक्टिस नहीं करने का आदेश दिया गया है।

तमिलनाडु बार काउसिंल ने अपने आदेश में कहा कि जनता में न्यायपालिका का विश्वास बनाए रखना जरुरी है। इसलिए दोनों को अंतरिम तौर पर प्रैक्टिस करने से रोकते हुए निलंबित कर दिया गया है। हालांकि वकील दंपति को जवाब देने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसकी जानकारी मद्रास हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी दे दी गई है।

क्या था मामला?

दरअसल, मामला 30 जुलाई का है। वकील थिरूमति एल शिखा उनके पति कार से कोर्ट जा रहे थे। गाड़ी शिखा के पति एडवोकेट सहुल हमीद चला रहे थे। इस दौरान रास्ते में उन्होंने हाईकोर्ट के जज की गाड़ी को ओवरटेक करते हुए टक्कर मार दी। इतना ही नहीं वकील दंपति ने जज की गाड़ी को रोककर उसके ड्राइवर को ड़ांटा। इस घटना के तीन दिन बाद फिर वकील दंपति जज के आधिकारिक निवास पर गए तो वहां भी उन्होंने ड्राइवर के साथ बदसलूकी की।

इसके बाद इसकी शिकायत बार काउंसिल से की गई। काउंसिल ने वकील शिखा उनके पति को नोटिस भेजते हुए जवाब मागां कि, ‘मद्रास हाईकोर्ट के माननीय जज के पीएसओ द्वारा दी गई शिकायत में निर्धारित आप दोनों का आचरण न केवल चौंकाने वाला है, बल्कि पेशेवर दुर्व्यवहार का आचरण है।’ काउंसिल ने अपने आदेश में कहा कि अगर 15 दिन के अंदर उपयुक्त जवाब नहीं दिया गया तो यह मामला एडवोकेट्स एक्ट 1961 की धारा 42 के तहत इन्क्वायरी के लिए अनुशास्नात्मक समिति के पास भेज दिया जाएगा।