रायपुर की महिला ने खोजा कैंसर का इलाज, चूहों पर होगा टेस्ट

  By : Bankatesh Kumar | July 14, 2018
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रायपुर। दुनिया में कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है। साथ ही देश भर में यह बीमारी बड़ी तेजी से फैल रही है। कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ की एक महिला रिसर्चर ने इसको ठीक करने की दवा खोज ली है। इस दवाई को लैब में टेस्ट किया गया तो रिजल्ट पोजिटिव आया है। दवा का टेस्ट अब चूहों पर किया जायेगा। अगर यह उनपर काम कर गई तो फिर ये कैंसर पीड़ित लोगो को दी जायेगी।

कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से वही लोग बच पाते हैं जो शुरुआती दौर में ही इसका इलाज शुरु कर देते हैं। लेकिन बहुत कम लोगो को इसकी शुरुआत में जानकारी हो पाती है। ज्यादातर लोगो को इस बिमारी का पता तब चलता है जब वह पूरी तरह से उनके शरीर पर हावी हो जाती है। कैंसर बहुत तेजी से शरीर को कमज़ोर बनाता जाता है, कैंसर ट्यूमर शरीर में इतनी रफ्तार से फैलता है कि इसका इलाज असंभव हो जाता है। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर की रिसर्चर ममता त्रिपाठी ने इस जानलेवा बिमारी को ठीक करने के लिए दवाई खोज निकाली है। उनसे बातचीत में बताया कि यह दवाई कैंसर सेल्स को 70 से 80 प्रतिशत तक खत्म कर सकता है। इस दवा को ममता ने 4 से 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद बनाया है।

बता दें कि ममता रायपुर स्थित पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के रासायन विभाग की रिसर्चर हैं। रसायन लैब में ममता ने कैंसर से लड़ने के लिए एक ऐसा कम्पाउंड बनाया है जो मरीज के शरीर में दवा के असर को लम्बे समय तक बरकारा रखकर कंपन के साथ किमोथैरेपी करेगा। इसे प्राथमिक तौर पर मेडिसिन साफ्टवेयर ग्रो मैक्स एन ए एमडी ने मानक क्षमता की स्वीकृति दे दी है।

कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर की कोशिकाओं को तादात से ज्यादा बढ़ा देती हैं। जिसके बाद ये कोशिकायें शरीर के बाकि हिस्सों को अपना काम करने में दिक्कत देती हैं। धीरे-धीरे ये कोशिकायें एक गुच्छे का रुप ले लेती हैं। जिसे गांठ या ट्यूमर कहते हैं, और देखते- देखते यह बड़ा होता जाता है। जिससे शरीर में काफी कमजोरी महशुश होने लगती हैं। ट्यूमर के शरीर में फूटने से मरीज की मौत हो जाती है।