मोदी सरकार की हरी झंडी, अब स्कूलों में शुरू होगी सेक्स एजुकेशन

  By : Bhagya Sri Singh | April 13, 2018

नई दिल्ली। देशभर में बढ़ते यौन अपराध के ग्राफ को देखते हुए बच्चों को शुरूआत से ही यौन शिक्षा देना अब जरूरी हो गया है। सेक्स एजुकेशन को पाठ्यक्रम में शामिल करने की मांग पिछले काफी समय से जारी है। लेकिन अब अधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि हो गई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल शनिवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना ‘आयुष्मान भारत’ के तहत इस कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे। ये कार्यक्रम छत्तीसगढ़ से लेकर बीजापुर तक होगा।

बच्चों को सेक्स एजुकेशन देने के लिए स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ‘रोल प्ले और एक्टिविटी बेस्ड’ मॉड्यूल को थोड़े समय बाद कई चरणों में देश भर के स्कूलों में लागू किया जाएगा। सेक्स एजुकेशन देने के लिए विशेष रूप से ट्रेनिंग प्राप्त अध्यापकों और कुछ चुनिन्दा बच्चों की भी सहायता ली जाएगी।

सेक्स एजुकेशन के इस पाठ्यक्रम में बड़े होते बच्चों में आ रहे शारीरिक बदलाव और जीवन के विभिन्न पहलुओें को शामिल किया जाएगा, जिनमें यौन और प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य, यौन उत्पीड़न, गुड टच और बैड टच, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, यौन सम्बन्धी रोग, गैर संक्रामक रोग, चोट और हिंसा आदि शामिल होंगे।

बता दें कि, यह कोई पहला मौका नहीं है जब स्कूलों में सेक्स एजुकेशन देने की पहल की जा रही हो। यूपीए सरकार ने भी विद्यालयों में सेक्स-शिक्षा देने का प्रोग्राम चलाया था लेकिन साल 2005 में भारतीय जनता पार्टी के नेता वेंकैया नायडू की अध्यक्षता वाली राज्यसभा की समिति ने इस कार्यक्रम की काफी कमियां निकालीं। समिति ने सेक्स-एजुकेशन कार्यक्रम को यूपीए सरकार की चालाकी भरी मीठी भाषा कहा था और यह आरोप भी लगाया था कि विद्यालयों में सेक्स शिक्षा देना स्वच्छंदता को बढ़ावा देना है।