विश्वयुद्ध की आहट: सीरिया की तरफ बढ़ रहा रुसी जंगी जहाज

  By : Shubham Srivastawa | April 16, 2018

नई दिल्ली। सीरिया में महाशक्तियों के बीच लगातार बढ़ती शक्ति प्रदर्शन की होड़ पिछले दिनों सीरिया मे जबरदस्त मिसाइल हमले के रूप में देखा गया। तथाकथित रासायनिक हमले के जवाब में अमेरिका ने सीरिया पर जबरदस्त मिसाइल अटैक किया, जिसका की रूस द्वार कठोर शब्दों में निंदा की गई और प्रत्यक्ष चेतावनी देते हुए विस्वयुध की धमकी दी और इसके साथ ही उसनें सीरिया की तरफ अपना जंगी जवाज रवाना कर दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को सीरिया के रास्ते में 2 रूसी युद्धक जहाज मिलिट्री गाड़ियों के साथ स्पॉट किए गए हैं। इनमें टैंक, मिलिट्री ट्रक और हथियारों से लैस नावें थीं. एक जहाज को तुर्की के पास बॉस्फोरस में देखा गया है। और यह तेजी के साथ सीरिया की ओर बढ़ रहा है।

मालूम हो कि हाल ही में सीरिया पर रासायनिक हमले हुए। जिसके बाद अमेरिका के रास्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रासायनिक हमले का आरोप सीरया के राष्ट्रपति बसर अल असद पर लगाया। और जवाब में अमरीका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मिलकर सीरिया पर मिसाइल हमले किये। तीनों देश मिलकर जब सीरिया पर मिसाइल हमले किये तो विश्व मंच दोफाड़ हो गया।

एक तरफ जहां सीरिया संकट पर आस्ट्रेलिया, इस्राइल, जर्मनी, तुर्की, जार्डन, इटली, जापान, सऊदी अरब जैसे शक्तिशाली देश अमेरिका का साथ दे रहे हैं तो, वहीं रूस के साथ ईरान और चीन मिलकर सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद का साथ दे रहे हैं।

क्या है सीरिया संकट

सीरिया संकट का प्रारंभ सीरिया के रास्ट्रपति फ़तेह अल असद की मृत्यु के बाद उनके पुत्र बशर अल-असद के सरिया के रास्ट्रपति बनाने के बाद प्रारंभ हुआ। जब उनपर विद्रोही गुटों के द्वारा, जो की अमेरिका द्वारा सऊदी अरब द्वारा समर्थित थे, बेरोजगारी भ्रष्टाचार, राजनीतिक स्वतंत्रता का अभाव तथा शासन में पारदर्शिता के अभाव का आरोप लगाया गया, और इसका सासत्र विद्रोह कर के असद को गद्दी से हटाने का एक व्यापक मुहीम चलाया गया। लेकिन असद ने उनके सामनें घुटने नहीं टेके और उनका मजबूती के साथ सामना करने लगा। असद के इस कार्य में उसके मित्र राष्ट्र रूस, इरान का समर्थन भी प्राप्त हुआ।