भुखमरी की चपेट में आस्ट्रेलिया, बच्चे खा रहे हैं कागज

  By : Rahul Tripathi | April 16, 2018

कैनबरा। आधुनिक समाज में भुखमरी की बात करना अविश्वसनीय हो सकता है, लेकिन कभी कभी ऐसी हकीकत हमारे सामने आकर खड़ी हो जाती है। जिसपर विश्वास करना थोड़ा मुश्किल होता है। दुनिया के विकसित देशों की श्रेणी में शुमार किया जाने वाला देश आस्ट्रेलिया इस समय भयंकर भुखमरी की चपेट में है। आस्ट्रेलिया से आई एक रिपार्ट के अनुसार इस गरीबी का सर्वाधिक प्रभाव बच्चों पर हो रहा है। एक साल में लगभग 20 प्रतिशत बच्चे भुखमरी का शिकार हैं। जहां तक की भूखे बच्चे कागज खाने को मजबूर हो रहे हैं।

हाल ही में फूडबैंक नामक एक संस्था ने आस्ट्रेलिया में 1000 परिवारों के सर्वे में पाया कि 22 प्रतिशत परिवारों के बच्चों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल पा रहा है। कुछ बच्चों को तो बिना नाश्ते के ही स्कूल जाना पड़ रहा है। जबकि 11 प्रतिशत बच्चे रात में बिना भोजन के सोते हैं। लगभग 9 प्रतिशत बच्चों को सप्ताह में कम से कम एक दिन बिना भोजन के सहना पड़ रहा है। कुछ परिवार तो अपने बच्चों के भोजन लिए खुद भी अक्सर बिना भोजन के गुजारते हैं। 
इस सर्वेक्षण को करने वाली संस्था के प्रमुख अधिकारी डाव मैक नामारा ने कहा है कि यह हमारे आस्ट्रेलियाई समाज के लिए यह काफी दु:खद है, कि बच्चों को भूखा रहना पड़ रहा है। बच्चे भूख मिटाने के लिए कागज खा रहे हैं और उनके माता पिता के सामने सिवाय इसको देखने के कोई चारा नहीं है। यह हमारी समाजिक विफलता है, हमारा भविष्य भूख से पीड़ित कमजोर बच्चों पर टिका है। इसको किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता।

रिपार्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि यह स्थित कामोवेश तीन सालों में बनी है। जिसका कारण जीवनयापन की लागत का बढ़ना है। बहुत से माता पिता को ऐसी स्थित में अपने बच्चों को पालने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। सर्वेक्षण के दौरान एक ऐसी बच्ची आई जिसने पांच दिनों से कुछ भी नहीं खाया था।