चंद्रमा पर पहला कदम रखने वाले नील आर्मस्ट्रांग की आज पुण्यतिथि

  By : Bankatesh Kumar | August 25, 2018 7:14 pm
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नई दिल्ली।  चन्द्रमा पर सबसे पहले कदम रखने वाले अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग की आज पुण्यतिथि  है। आज ही के दिन 25 अगस्त, 2012 में उनका निधन हुआ था। नील आर्मस्ट्रांग के चन्द्रमा पर कदम रखने से पहले ऐसी धारणा थी कि वहां पर जाया नहीं जा सकता है। लेकिन आर्मस्ट्रांग सभी धारणाओं को तोड़ दिया। वहां से आने के बाद उन्होंने दुनिया को बताया कि चंद्रमा से पृथ्वी बहुत सुन्दर, रंगीन और मनमोहक दिखती है। यही सुन्दरता पृथ्वी को अन्य ग्रहों से अलग करती है। ऐसे तो अमेरिका के बाद रूस ने भी चंद्रमा पर अपना अंतरिक्ष यान भेजा। लेकिन दुनिया नील आर्मस्ट्रांग को ही याद करती है। तो आइए आज जानते हैं अंतरिक्ष यात्री नील आर्मस्ट्रांग के बारे में।

नील आर्मस्ट्रांग एक बेहतरीन पायलट थे। उनका जन्म 5 अगस्त 1930 को संयुक्त राज्य अमेरिका के वापाकोनेटा में हुआ था। आर्मस्ट्रांग शुरू से ही चन्द्रमा,तारो और अन्तरिक्ष के बारे में जानने के लिए रुची रखते थे। बचपन में वे अपने माता-पिता से चन्द्रमा और तारों के बारे में दंत कथाएं सुना करते थे। ऐसे में इन सभी ग्रहों के बारे में जानने की उनकी रुची  और बढ़ गई। यही वजह है कि एरोस्पेस इंजीनयर की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्रों में काम करना शुरू किया।

बता दें अंतरिक्ष यात्री बनने से पहले नील आर्मस्ट्रॉन्ग यूनाइटेड स्टेट के नेवी ऑफिसर थे। उन्होंने कोरियाई युद्ध में भी सेवाएं दी थीं। युद्ध के बाद उन्होंने पुरदुरे यूनिवर्सिटी से बैचलर डिग्री हासिल किया। इसके साथ ही वे हाई स्पीड फ्लाइट स्टेशन नेशनल एडवाइजरी कमिटी फॉर एरोनॉटिक्स (NACA) में काम करने लगे। इस दौरन उन्होंने तकरीबन 900 फ्लाइट टेस्ट की।

नील आर्मस्ट्रॉन्ग के लगन को देखते हुए उन्हें साल 1962 में नासा के एस्ट्रोनॉट कॉर्प्स में शामिल किया गया। इसके बाद उन्होंने चन्द्रमा पर जाने की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने चंद्रमा मिशन के लिए अपने सहयोगी पायलट डेविड स्कॉट के साथ पहली उड़ान भरी। लेकिन वे अपने मिशन में सफल नहीं हुए। इस तरह उन्होंने दूसरा उड़ान साल 1969 में शुरू भरा और उनका विमान उसी साल जुलाई में चंद्रमा पर पहुंच गया। चंद्रमा पर कदम रखते ही उन्होंने यह कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। चंद्रमा पर उन्होंने पूरे 2.30 घंटे स्पेस क्राफ्ट के बाहर गुजारे थे। इस दौरान उन्होंने कई तस्वीरें भी ली थीं। इसके बाद दुनिया चंद्रमा की हकीकत के बारे में जाना।