परमाणु समझौते की विफलता पर ईरान करेगा यूरेनियम संवर्धन

  By : Rahul Tripathi | September 6, 2018 4:13 pm

तेहरान। ईरान ने परमाणु समझौते की विफलता पर फिर से यूरेनियम संवर्धन करने की चेतावनी दी है। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने बुधवार को जारी अपने बयान में कहा कि यदि 2015 में किया गया परमाणु समझौता जारी नहीं रहता, तो ईरान इस बार संवर्धन से भी आगे अपने परमाणु कार्यक्रम को बढ़ाएगा।

दरअसल, ईरान के परमाणु संगठन के प्रवक्ता बेहरोउज कमलवांडी ने कहा कि ईरान से परमाणु समझौता करने वाले अन्य सदस्य यदि इसको आगे नहीं ले जाते और समझौते से पीछे हट जाते हैं, तो ऐसा नहीं है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम कमजोर होगा। उनका कहना है कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम अपने पहले की स्थिति से और उन्नत स्तर पर पहुंच जाएगा।

बेहरोउज ने कहा है कि 2015 में जब ईरान ने परमाणु समझौता किया था, उस समय के मुकाबले आज देश की परमाणु टेक्नोलाजी काफी विकसित हो चुकी है। ईरान ने परिस्थियों के हिसाब से अपनी परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। ईरान के इस स्वीकारोक्ति के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड की बात सही साबित हो जाती है। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को जारी रखे हुए है।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ने 2015 के ईरान परमाणु समझौते को गलत बताते हुए उससे अलग होने की घोषणा किया था। उन्होंने कहा था कि इस परमाणु समझौता से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नहीं रोका जा सकता है। बल्कि समझौते में मिले धन ईरान को परमाणु हथियारों के विकास में सहायता प्रदान करते हैं।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में ईरान के साथ परमाणु समझौता किया गया था। इस समझौते में अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय यूनियन, संयुक्त राष्ट्र और रूस, चीन जैसे देश शामिल थे। इस समझौते का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियारों के विकास से रोकना था। इस समझौते में ईरान की ऊर्जा आवश्यता को पूरा करने के लिए आर्थिक मदद देने की बात की गई थी।