भारत-दक्षिण कोरिया मिलकर करेंगे अफगानिस्तान का विकास

  By : Rahul Tripathi | July 11, 2018 5:35 pm

नई दिल्ली। भारत की यात्रा पर आए दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने अफगानिस्तान के विकास में भारत के साथ मिलकर काम करने का वादा किया है। इस आशय का निर्णय भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद लिया गया है। दोनों ही देशों ने दक्षिण पूर्व एशिया में शांति और विकास के लिए साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

दरअसल, हाल के वर्षों में भारत का दक्षिण कोरिया के साथ आर्थिक और सामरिक सम्बन्ध काफी मजबूत हुए हैं। दक्षिण कोरिया की मोबाइल कम्पनी सैमसन दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल बनाने की फैक्टरी भारत में लगा रही है। इसका उद्घाटन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने किया है। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी उनके साथ थे।

आर्थिक रिश्तों की यह गरमाहट अब सामरिक सम्बन्धों में भी दिखाई दे रही है। भारत ने दक्षिण कोरिया से 100 सेल्फ प्रोपेड हॉवित्जर गन खरीदा है। जो मेक इन इंडिया के तहत भारत में एलएनटी द्वारा बनाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त आटोमोबाइल के क्षेत्र में भी दक्षिण कोरिया भारत में प्रमुख निवेशक है। हुंदई कार इसका प्रमुख उदाहरण है।

वास्तव में दोनों ही देश अपने-अपने विदेश नीति पोलिसी के तहत पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में शांति, स्थिरता और सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक सम्बन्धों को नई ऊंचाई देना चाहते हैं। इन उद्देश्यों को लेकर द्विपक्षीय साझेदारी पर बल दिया गया है। साथ ही दूसरे देशों के विकास में त्रिपक्षीय भागेदारी को सुनिश्चित करना निश्चित किया गया है। जिसकी शुरूआत अफगानिस्तान निर्माण प्रोजेक्ट से होगी।

हालांकि अभी दोनों देशों ने यह निश्चित नहीं किया है कि अफगानिस्तान के किन प्रोजेक्ट पर साथ काम किया जाएगा। भारतीय विदेश मंत्रालय की तरफ से यह स्पष्ट किया गया है कि यह सहयोग सिर्फ अफगानिस्तान तक ही सीमित नहीं रहेगा। बल्कि यह अन्य देशों में भी आजमाया जाएगा। अफगानिस्तान के निर्माण प्रोजेक्ट को लेकर दोनों देशों के बीच ठोस वार्ता हुई है। वार्ता में हाल ही में कोरियाई प्रायद्वीप के शांति बहाली को लेकर शांति वार्ता की तारीफ की गई है।