अपाचे हेलीकॉप्टर की खरीद का रास्ता साफ

  By : Rahul Tripathi | June 13, 2018

वाशिंगटन। भारतीय सेना के आधुनिकीकरण में अमेरिका एक प्रमुख भागीदार के रूप में उभरा है। अमेरिका ने अपने प्रमुख अटैकर हेलीकाप्टर अपाचे AH-64E भारत को बेचने की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी संसद कांग्रेस ने भारत को अपाचे हेलीकॉप्टर बेचने की मंजूरी दी है। कांग्रेस में किसी भी अमेरिकी नेता ने इस समझौते का विरोध नहीं किया।

गौरतलब है कि भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को लेकर हाल ही में सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। यहां तक की सेना के लिए आधुनिक छोटे हथियारों से लेकर मिसाइल तक को मेकिंग इंडिया प्रोग्राम के तहत विदेशों से टेक्नोलॉजी लाकर भारत में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए सरकारी स्तर पर इजराइल, अमेरिका, फ्रांस तथा रूस से समझौता किया गया है। इसके साथ ही कुछ हथियारों को तैयार हालत में भी खरीदा जा रहा है।

सेना के लिए नई टेक्नीक वाली असॉट राइफलों तथा मशीन गनों की खरीद को लेकर एक बड़ा टेंडर जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त फ्रांस से रॉफेल फाइटर प्लेन की भी खरीद की गयी है। साथ ही अमेरिका की कम्पनी बोइंग भारत की कम्पनी टाटा के साथ मिलकर भारत में AH-64E अपाचे हेलीकॉटर की बाड़ी का निर्माण कर रहे हैं। अमेरिकी काग्रेस की अनुमति के बाद अमेरिकी कम्पनी इन हेलीकॉटर की बिक्री के लिए मंजूरी प्रदान कर दिया है।

कयास लगाया जा रहा था कि भारत द्वारा रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने के फैसले के बाद शायद अमेरिका भारत को आधुनिक साजो-समान नहीं प्राप्त कर सकेगा। इस बात का आधार हाल ही में अमेरिका सरकार का वह फैसला है जिसमें उन्होंने कहा था कि रूस से सैनिक साजो सामान खरीदने वाले देशों पर अमेरिका प्रतिबन्ध लगाएगा। साथ ही अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने भारत से कहा था कि उसे अमेरिका और रूस में किसी एक को चुनना पड़ेगा।

अमेरिका से इन हेलीकॉप्टर की खरीद के अलावा इस डील में नाइट विजन सेंसर, जीपीएस मार्गदर्शक, एंटी डिफेंस मिसाइल शामिल है। अमेरिकी एजेंसियों के बयान में कहा गया है कि ये अपाचे हेलीकॉप्टर हर तरह के खतरों का सामना करने में सक्षम हैं। इसके आने के से भारत की सुरक्षा क्षमताओं में काफी बृद्धि होगी।