अलकायदा का संदेश- ‘भारतीय मुस्लिम करें जिहाद’

  By : Rahul Tripathi | December 7, 2017

नई दिल्ली। बाबरी मस्जिद विध्वसं के 25 वीं वर्षगांठ पर कश्मीरी अलकायदा ने देश के मुसलमानों को जिहाद के लिए तैयार रहने को कहा है। उसके अनुसार केवल शरियत ही सत्य है, क्योंकि उसे अल्लाह ने बनाया है। उसी के दिखाए मार्ग पर सभी मुसलमानों को चलना चाहिए।

कश्मीरी अलकायदा अंसार गजवा-तुल-हिन्द ने बुधवार को भारतीय मुसलमानों को आॅनलाइन संदेश में जिहाद से जुड़ने को कहा है। उसने बाबरी मस्जिद विध्वसं के 25 वीं वर्षगांठ पर अपने संदेश में कहा कि प्रत्येक भारतीय मुसलमानों को जिहाद के लिए अपना घर छोड़ने के लिए तैयार रहना होगा। क्योंकि दुश्मन युद्ध की तैयारी कर रहा है।

अंसार गजवा तुल हिन्द कश्मीर स्थित अलकायदा का आतंकवादी संगठन है, जो हिज्बुल तथा लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन के सदस्यों से मिलकर बनाया गया है। संगठन अपने संदेश में आगे कहता है कि कांग्रेस, भारती जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और बहुजन समाजवादी पार्टी सभी उत्पीड़न के चहरे हैं। शरियत ही तुम्हारे लिए एकमात्र उपाय है, जो अल्लाह द्वारा निर्देशित है।

कश्मीरी अलकायदा को बाहरी समर्थन

अलकायदा के संदेश को एक जेहादी जोर से पढ़ रहा था जो अपने को सुल्तान जाबुल-आ-हिन्द उपनाम का प्रयोग कर रहा था। ऐसा माना जा रहा है कि वह हिन्दी भाषी नही है। खुफिया सूत्रों के अनुसार अंसार गजवा-तुल-हिन्द को मजबूत करने में किसी गैर कश्मीरी की जानकारी नहीं है। जाकिर मूसा ही इसका कमांडर है।

सुल्तान जाबुल-अ-हिन्द शब्द के प्रयोग से यह पता चलता है कि वह दक्षिणी अफगानिस्तान में काम कर चुका है। इस माह के शुरू में अफगान और अमेरिकी सैनिकों द्वारा अलकायदा का महत्वपूर्ण प्रतिनिधि उमर मंसूर मारा गया, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और जाबुल, गजनी का कमांडर था।
अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक कमांडर जॉन निकोल्सन कहते हैं कि भारतीय जिहादी स्थानीय अलकायदा लड़ाकों के साथ ट्रेनिंग लेते हैं। केरल और महाराष्ट्र के जिहादियों के बारे में ऐसी कई जानकारी हैं कि वे कश्मीर जाकर लश्कर-ए-तैयबा में शामिल हो गए हैं।
अतः इसकी पूरी संभावना है कि कश्मीर में अलकायदा मजबूत करने में कई गैर कश्मीरी भी मद्द कर रहे है।