एक अनूठी पहल, WhatsApp पर होगी अजान

  By : Rahul Tripathi | April 16, 2018

अंकारा। पिछले दिनों ध्वनि प्रदूषण मामले पर न्यायालय ने सख्त निर्देश देते हुए धार्मिक स्थलों में लाउडस्पीकर के प्रयोग को प्रतिबंधित किया। जिसके बाद कुछ धार्मिक संगठनों ने काफी हो हल्ला मचाया था। लेकिन वहीं दूसरी तरफ विश्व के मानचित्र में पिछड़े देशों की श्रेणी में शुमार किए जाने वाले अफ्रीकी देश घाना ने अपने देश में ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए एक अनूठा कदम उठाया है। उसने सोशल नेटवर्किंग साइट वॉट्सऐप के जरिए अजान करने की पहल की है।

एक प्रशासनिक अध्यादेश द्वारा देश के सभी मस्जिदों तथा गिरिजाघरों में लाउडस्पीकर का प्रयोग बंद कर दिया गया है। साथ ही अजान के लिए सोशल नेटवर्किंग साइट वॉट्सऐप के इस्तेमाल का आदेश दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार घाना प्रशासन का ऐसा मानना है कि चर्च की घंटियों की आवाज तथा मस्जिदों से होने वाली अजान से, आस-पास रहने वाले लोगों को बहुत ज्यादा दिक्कत होती है और उनका जीना दूभर हो गया है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों पर इकट्ठा होने वाले लोगों से ट्रैफिक जाम की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है।

घाना के पर्यावरण मंत्री क्वाबेना फ्रिमपॉन्ग बोटेंग ने कहा कि इमाम वॉट्सऐप मैसेज भेजकर लोगों को नमाज का समय बता सकते हैं। इसके द्वारा ध्वनि प्रदूषण से काफी हद तक मुक्ति पाई जा सकती है। हालांकि मुस्लिम समाज सरकार के इस फैसले पर सहमत नहीं हैं। उनके अनुसार इससे ध्वनि प्रदूषण तो अवश्य कम होगा लेकिन इसके लिए उनपर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ेगा। और इसके लिए इमाम को कोई अलग से वेतन भी नहीं मिलेगा। अत: यह सरकार का गैरजरूरी कदम है।