Happy Women’s Day : इन महिलाओं ने बढ़ाया देश का मान

By Priyambada Mar 8, 2018 1:35 pm

नई दिल्ली : बैडमिंटन को विश्व रैंकिंग में शीर्ष तक पहुंचने वाली साइना नेहवाल राजीव गांधी खेल रत्न, पद्म श्री, अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित हैं। इन्होने लंदन ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था, ऐसा करने वाली वो पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। इसके अलावा साइना के नाम ढ़ेरों उपलब्धियां हैं। 

अरुंधति राय देश की सबसे लोकप्रिय लेखिका हैं। 1997 में उन्हें उनके उपन्यास ‘गॉड ऑफ स्माल थिंग्स’ के लिये बुकर पुरस्कार से नवाजा गया। इसके अलावा उन्होने फिल्म ‘मैसी साहब’ में अभिनय भी किया है। अरुंधति ने दिल्ली से आर्किटेक्ट की पढ़ाई की है। 

पेप्सिको की प्रमुख इंदिरा नूई एक जाना माना नाम है। इंदिरा को ट्रंप प्रशासन के विशेषज्ञों की टीम में भी शामिल किया गया है। नूई ट्रंप प्रशासन में शामिल होने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला हैं। इंदिरा नूई को दुनिया की शक्तिशाली महिलाओं में शुमार किया जाता है।

क्रिकेट जिसे केवल पुरूषो का खेल माना जाता है। उसमें अपने कामयाबी के झंडे गाड़ने वाली
मिताली राज महिला क्रिकेट की सबसे कामयाब बल्लेबाजों में से एक हैं। टेस्ट क्रिकेट में 51 और वनडे में 48.82 का औसत रखने वाली मिताली वनडे में पांच हजार रन बनाने वाली चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं।

मेधा पाटकर का नाम उनकी समाज सेवा के लिए जाना जाता है। मेधा पाटकर को ‘नर्मदा घाटी की आवाज़’ के रूप में भी पूरी दुनिया सम्मान देती है।  मेधा पाटकर ने ‘सरदार सरोवर परियोजना’ से प्रभावित होने वाले लगभग 37 हज़ार गांवों के लोगों को अधिकार दिलाने की लड़ाई लड़ी है। 

सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में जाने वाली भारतीय मूल की दूसरी महिला है। सुनीता  गुजरात के अहमदाबाद से ताल्लुक रखती हैं। सुनीता ने एक महिला अंतरिक्ष यात्री के रुप में 195 दिनों तक अंतरिक्ष में रहने का विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है।

किरण बेदी भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। किरण संयुक्त आयुक्त पुलिस प्रशिक्षण और दिल्ली पुलिस स्पेशल आयुक्त के पद पर काम कर चुकी हैं। इसके अलावा वह एक बहादुर और साहसी महिला पुलिस अफसर के रूप में काफी लोकप्रिय हैं। अन्ना हजारे के आंदोलन में भी किरण बेदी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

बीजेपी के सबसे तेजतर्रार महिला नेताओं में शुमार सुषमा स्वराज देश की सबसे ताकतवर महिलाओं में से एक हैं। विदेश मंत्री के पद पर होते हुए भी उनके स्वभाव में काफी विनम्रता हैं। पढ़ाई खत्म करने के बाद सुषमा ने जयप्रकाश नारायण के आन्दोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था।

इंडियन एयरफोर्स की फ्लाइंग ऑफिसर अवनी चतुर्वेदी ने इतिहास रच दिया है। वो फाइटर प्लेन को अकेले उड़ाने वाली देश की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। अवनी ने गुजरात के जामनगर में अपनी पहली ट्रेनिंग में अकेले मिग-21 बाइसन फाइटर प्लेन उड़ाया।

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