ईंधन में एथेनॉल के प्रयोग से होगी 12,000 करोड़ रुपये की बचत: PM

  By : Bhagya Sri Singh | August 10, 2018 3:55 pm
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व जैव ईंधन दिवस के अवसर पर राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत की। कार्यक्रम में मौजूद श्रोताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बायो-फ्यूल के तौर पर पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के कार्यक्रम को पिछली सरकारों ने गंभीरता से नहीं लिया, जबकि इस कदम से सरकार पेट्रोलियम आयात पर लगने वाले भारी शुल्क में काफी बचत कर सकती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार इस दिशा में प्रयासरत है और जैव ईंधन का उत्पादन बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगले चार सालों में बायो-फ्यूल का उत्पादन तीन गुना बढ़ कर 450 करोड़ लीटर के स्तर पर पहुंच जाएगा। ऐसा होने पर हमें पेट्रोल के लिए दूसरे देशों का मुंह नहीं देखना होगा और हम खुद ही इसका उत्पादन कर पायेंगे। इससे पेट्रोल-डीजल पर लगने वाले आयात शुल्क में 12,000 करोड़ रुपये की बचत हो जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बायो-फ्यूल के उत्पादन को लेकर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के समय से ही ईंधन में एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी गई थी। लेकिन पिछली सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। लेकिन अब हम इस योजना को अमलीजामा पहनाने का काम करेंगे। हम अगले चार साल में 450 करोड़ लीटर एथेनॉल का उत्पादन करेंगे। इस समय एथेनॉल का उत्पादन महज141 करोड़ लीटर है। ऐसा करने से पेट्रोल -डीजल पर लगने वाले आयात शुल्क में 12,000 करोड़ रुपये की बचत होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने देश में जैवईंधन की 12 रिफायनरी स्थापित करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बनाई है। सरकार 2022 तक पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य पूरा करेगी। साल 2030 तक सरकार इसके बढाकर 20 प्रतिशत तक का लक्ष्य हासिल करेगी। हर जैव रिफायनरी के कारण लगभग 1000-1500 लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।