सौराष्ट्र में लेऊवा पाटीदार ‘जीतू वघानी’ का रुतबा

  By : Team Khabare | December 7, 2017

नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सिपेहसालार में से एक अहम जीतू वघानी को भी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जब भी वघानी पर संकट के बादल मंडराते हैं तो खुद शाह उनके बचाव में खड़े रहते हैं। यही वजह है कि जीतू वघानी को गुजरात में भाजपा की कमान सौंपी गई। रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की गद्दी खाली हो चुकी थी और भाजपा ने रूपाणी की जगह जीतू वघानी को प्रदेश भाजपा का चीफ की जिम्मेदारी सौंपी गई। लेऊवा पाटीदार से ताल्लुक रखने वाले जीतू वघानी का सौराष्ट्र क्षेत्र में एक अलग ही रुतबा है।

वघानी का जीवन सफर:
जीतू वघानी का जन्म 27 अक्टूबर 1970 का हुआ था। वघानी का पूरा नाम जीतेंद्रभाई सवजीभाई वघानी है। जीतू वघानी के परिवार में पत्नी संगीता बेन, एक बेटा और बेटी है। जीतू वघानी ने एलएलबी की पढ़ाई करने के बाद कंस्ट्रक्शन के बिजनेस में अपने परिवार का हाथ बंटाया और उसी के साथ उन्होंने राजनीति में भी कदम रखा। वर्ष 2007 में जीतू वघानी ने भावनगर पश्चिम से विधायक का चुनाव लड़ा और इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता माने जाने वाले शक्ति सिंह को धूल चटा दी थी। वहीं वर्ष 2012 में मनसुख कानाणी को भी वघानी ने चुनावी मैदान में मात दी थी। इसी के साथ वघानी का रुतबा और कद राजनीति के क्षेत्र में बढ़ाता चला गया।

राजनीति प्रेम में बढ़ता कद:
अमित शाह के साथ-साथ जीतू वघानी विजय रूपाणी के भी बेहद करीबी माने जाते हैं। जब वघानी का नामांकन का पर्चा दाखिल करवाया जा रहा था तब शाह और वघानी एक ही रंग में नजर आए थे। बता दें कि वघानी का नामांकन पर्चा भरवाने के दौरान शाह सबसे आगे दिखाई दे रहे थे। अगर हम गुजरात विधानसभा चुनाव की बात करें तो इसमें अमित शाह की हर रैली में जीतू वघानी बढ़ चढ़कर भाग ले रहे थे। जहां—जहां शाह की रैली आयोजित होती थी वहां-वहां वघानी अपना पूरा दमखम दिखाते थे। अपने रुतबे को बरकार रखने के लिए वघानी चुनावी सभाओं में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने की दौड़ में लगे रहते थे।

सुराष्ट्र (सौराष्ट्र) जानें:
गौरतलब है कि सौराष्ट्र भारत के गुजरात प्रांत का एक उपक्षेत्र माना जाता है जो अधिकतर अर्धमरुस्थलीय है। सौराष्ट्र, वर्तमान काठियावाड़ प्रदेश जो प्रायद्वीपीय क्षेत्र कहलाता है। बता दें कि महाभारत के समय द्वारिकापुरी इसी क्षेत्र में स्थित थी। सुराष्ट्र या सौराष्ट्र को सहदेव ने अपनी दिग्विजय यात्रा के प्रसंग में विजित किया था। विष्णु पुराण में सौराष्ट्र में शूद्रों का राज्य बताया गया है। गांधीनगर, राज्य के प्रमुख व्यवसायिक केंद्र अहमदाबाद के पास स्थित हैं। इसलिए गुजरात भारत का महत्वपूर्ण राज्य है।कच्छ, सौराष्ट्र, काठियावाड़, हालार, पांचाल, गोहिलवाड़, झालावाड़ और गुजरात उसके प्रादेशिक सांस्कृतिक अंग माने जाते हैं।

शाह ने किया था बचाव:
गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने जब अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी तो उस वक्त पार्टी में हड़कम्प सा मच गया था। गुजरात प्रदेश भाजपा कार्यालय में नाराज भाजपा के कार्यकर्ताओं का जमघट लग गया था। इन सभी कार्यकर्ताओं में पार्टी के प्रति इतना रोष था कि इन्होंने देर रात तक जीतू वघानी को इस्तीफा सौंप दिया था। चुनाव के वक्त चारों ओर शोर मच गया था कि प्रदेश भाजपा में फूट पड़ चुकी है। इस मामले की जानकारी जैसे ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को मिली तो वह तुरंत गुजरात भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे और वघानी के बचाव में रातभर डैमेज कंट्रोल में लगे रहे। जिन नेताओं का पहली लिस्ट नाम नहीं था उनको शाह ने आश्वासन देकर मना लिया।