कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के परिवार और वकील को सुरक्षा दे राज्य सरकार- SC

  By : Bhagya Sri Singh | April 16, 2018

नई दिल्ली। कठुआ केस में सोमवार को उच्चतम न्यायालय ने पीड़िता के पिता द्वारा लगाई गई केस ट्रांसफर की अर्जी पर जम्मू-कश्मीर सरकार को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार को ये निर्देश दिए हैं कि वह पीड़ित परिवार के सदस्यों और उनके प्रतिनिधित्व करने वाले वकील की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

पीड़ित पक्ष की वकील ने इंदिरा जयसिंह ने पीड़िता के पिता की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कहा कि जम्मू-कश्मीर में निष्पक्ष सुनवाई के लिए अनुकूल माहौल नहीं है। इस मामले में राज्य पुलिस ने एक अच्छा काम किया। उसने न केवल सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया बल्कि साइंटफिक और सबूतों के आधार पर भी गिरफ्तार किया।

बता दें कि, 17 जनवरी 2018 को आठ वर्षीय पीड़िता आसिफा की लाश कठुआ के जंगलों में मिली थी। पुलिस चार्जशीट के मुताबिक़, बच्ची के साथ पहले कई लोगों ने दुष्कर्म किया उसके बाद  उसे जान से मार डाला। इस मामले में देवी मंदिर के पुजारी, उसका भतीजे सहित चार पुलिसवालों समेत आठ लोगों आरोपी हैं। पुजारी का भतीजा नाबालिग है जिस पर लड़की को बहला-फुसलाकर अपहरण करने का आरोप है। पीड़ित लड़की के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले को जम्मू-कश्मीर से चण्डीगढ़ ट्रांसफर करने की मांग की है ताकि आरोपी कोई दबाव न बना सकें।
अभियुक्तों पर आरोप है कि उन्होंने 10 जनवरी को बच्ची को उसका खोया हुआ घोड़ा दिलाने के बहाने अपहरण कर लिया। और उसके बाद उसे एक मंदिर में बंधक बना कर रख लिया। आरोपियों ने बच्ची को मादक पदार्थ खिलाकर कई दिनों तक उसके साथ बलात्कार किया और बाद में बड़ी बेरहमी से उसकी ह्त्या कर दी। इस केस की जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि कठुआ के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कानून के अनुसार एक आरोपपत्र को सुनवाई के लिए सत्र अदालत के पास भेजेंगे जिसमें आठ अभियुक्त नामजद हैं।