J&K: अलग संविधान एक गलती- NSA डोभाल

  By : Rahul Tripathi | September 5, 2018 12:01 pm

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान भारतीय संप्रभुता से किया गया समझौता है। भारत के सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने राज्य में अलग संविधान को एक गलती कहा है। उन्होंने मंगलवार को देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल पर लिखी गई किताब के विमोचन समारोह में कहा कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं कर सकता। वहीं राज्य को विशेष अधिकार का प्रावधान करने वाले संविधान की धारा 35-A के संवैधानिकता को लेकर एक याचिका देश की सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई है।

एनएसए अजित डोभाल ने कहा कि देश की एकता और अखण्डता को सुनिश्चित करने में सरदार जी का अहम योगदान है। देश की संप्रभुता को न तो कमजोर किया जा सकता है और न ही इसकी परिभाषा गलत तरीके से की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि अंग्रेज भारत को सम्प्रभु देश के रूप में नहीं देखना चाहते थे इसलिए उन्होंने देश के विभाजन का बीज बोया। सरदार पटेल ने राज्यों के विलय को लेकर अमूल्य योगदान दिया है। इसी समारोह में NSA डोभाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लिए अलग संविधान का प्रावधान करना एक गलती थी। देश की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है।

गौरतलब है कि संविधान की धारा 35-A राज्य के स्थाई निवासियों को विशेषाधिकार देता है। जिसको राष्ट्रपति के विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए बिना संसद की सहमति के राज्य में लागू किया गया था। वास्तव में यह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के विशेष कोशिशों का परिणाम है। जो उन्होंने राज्य के स्थाई निवासियों को प्रदान किया था। अजित डोभाल के इस कथन के बाद इसके औचित्य को लेकर एक नई तरह की बहस छिड़ने की संभावना है। ऐसे समय में जब संविधान की इस धारा की संवैधानिकता न्यायालय के समक्ष विचाराधीन है।