यूपी के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर, अब कौन चलाएगा गोरखपुर?

  By : Team Khabare | September 22, 2017

“देवेंद्र शर्मा” (दिल्ली)

योगी आदित्यनाथ से पहले महंत अवैद्यनाथ गोरखपुर के सांसद हुआ करते थे। अर्थात पहले गोरखपुर की कमान महंत अवैद्यनाथ ही संभालते थे। बताया जा रहा है कि महंत के आदेश और गोरखपुर की जनता की मांग पर योगी को वर्ष 1998 में लोकसभा चुनाव लड़वाया गया। उस वक्त योगी आदित्यनाथ की उम्र 26 वर्ष थी। योगी को सबसे कम उम्र वाले सांसद होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

आपको बता दें कि योगी अब गोरखपुर से सांसद नहीं हैं लेकिन गोरखपुर से जो भी सांसद चुना जाएगा वह योगी की ही पसंद का होगा। यूपी का सीएम बनने से पहले योगी आदित्यनाथ 5 बार गोरखपुर से सांसद रहे। योगी न तो विधानसभा और न ही विधान परिषद के सदस्य थे। सीएम बनने के लिए इनमें से किसी एक का सदस्य होना जरूरी होता है। कुछ दिन पहले योगी ने विधान परिषद का निर्विरोध चुनाव जीता था और तभी से योगी को भाजपा का नियम फॉलो करना पड़ा और उन्हें सांसद का पद छोड़ना पड़ा

कम उम्र में संभाली गोरखपुर की कमान :-
योगी आदित्यनाथ एक ऐसे नेता मानें जाते हैं जिन्होंने हिंदु और हिंदुत्व के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे प्रदेश में अपनी छाप छोड़ी है। योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर आंदोलन में भी मुख्य भूमिका निभाई थी। बताया जा रहा है कि 1994 में गौरक्षपीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ने योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। इसके बाद से ही महंत अवैद्यनाथ ने राजनीति से संन्यास ले लिया और योगी को पूरी तरह से गोरखपुर की डोर संभला दी थी।

अजय सिंह बिष्ट से योगी आदित्यनाथ का सफर :-
उत्तराखंड के अजय सिंह बिष्ट के योगी आदित्यनाथ बनने का सफर अगर किसी ने बहुत करीब से देखा है तो उसमें पहले उत्तर प्रदेश के गोरखपुर का नाम आता है। गोरखपुर से ही संन्यासी और सियासी जीवन की शुरूआत की थी। बताया जा रहा है कि 1993 में पढ़ाई के दौरान गुरू गोरखनाथ पर शोध करने गोरखपुर आए थे अजय सिंह बिष्ट ‘योगी’। गोरखपुर में योगी आदित्यनाथ महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए और उनसे दीक्षा लेने के बाद उनका नाम योगी आदित्यनाथ हो गया। 21 साल बाद गोरखनाथ मंदिर के महंत अवैद्यनाथ का निधन हो गया और उसी दौरान गोरखपुर की जनता और मंदिर से जुड़े लोगों ने योगी आदित्यनाथ को पीठाधीश्वर घोषित कर दिया।

अब कौन संभालेगा गोरखपुर की कमान :-
गौरतलब है कि योगी के गुरू महंत अवैद्यनाथ भी गोरखपुर से चार बार सांसद रहे थे। इससे पहले महंत अवैद्यनाथ के गुरू दिग्विजय नाथ भी हिंदू महासभा की टिकट से गोरखपुर के सांसद रह चुके थे। इसीलिए उत्तर प्रदेश की राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर गर्म है कि अब कौन संभालेंगा गोरखपुर की कमान।