खुलासा: 40 देशों से जुड़ा था WhatsApp चाइल्ड पोर्न रैकेट का ग्रुप

  By : Rahish Khan | March 13, 2018 8:51 pm
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नई दिल्ली। सीबीआई ने चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट मामले में बड़ा खुलासा किया है। सीबीआई को जांच में पता चला है कि इस रैकेट के व्हाट्सएप ग्रुप में 40 देशों के 119 सदस्य जुड़े हुए थे। इनमें से 66 सदस्य भारतीय थे, 56 पाकिस्तानी और 29 अमेरिकी समेत करीब 40 देशों के लोग शामिल थे। घटनास्थल से बरामद किए गए उपकरणों की भी जांच पूरी हो गई है।

बता दें कि 23 फरवरी को सीबीआई ने एक इंटरनेशनल चाइल्ड पॉर्नोग्राफी रैकेट का पर्दाफाश किया था। यह रैकेट एक वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए चलाया जा रहा था, इसमें 40 देशों के करीब 199 लोग जुड़े हुए थे। KidsXXX नाम के इस ग्रुप में बच्चो से जुड़े पोर्न वीडियो और फोटो शेयर किए जाते थे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस व्हाट्सएप ग्रुप के पांच एडमिन भारत से जुड़े हुए थे। जिनमें से एक उत्तर प्रदेश के कन्नौज का एक 20 साल का स्नातक बेरोजगार निखिल वर्मा है। निखिल को सीबीआई ने करीब दो महीने की सघन जांच के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा इसमें मुंबई का सत्येंद्र ओमप्रकाश चौहान, दिल्ली के निरंकारी कॉलोनी का नफीस राजा, दिल्ली के भैरों मार्ग निवासी जाहिद उर्फ जाकिर और नोएडा का आदर्श शामिल हैं।

सीबीआई ने इन सभी आरोपियों के घर से लैपटॉप, टैबलेट, हार्डडिस्क और मोबाइल फोन बरामद किए।
जानकारी के मुताबिक आरोपियों के घरों से मिले हार्डवेयर्स में बच्चों से जुड़े अश्लील वीडियो और तस्वीरें है। आरोपियों निखिल से पूछताछ में अधिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

हर दिन व्हाट्सएप पर डालते थे वीडियो

सीबीआई के अनुसार आरोपी बच्चों की पॉर्नोग्राफी लोड कर हर दिन व्हाट्सएप ग्रुप पर नए सदस्य जोड़ते थे। पूछताछ से ही पता चलेगा कि वे पोर्नोग्राफी की शूटिंग भी करते थे या दूसरे साइटों के वीडियो ग्रुप में शामिल करते थे। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े पांच मामलों की जांच कर रही है।

कई देशों के लोग इस ग्रुप में थे शामिल

बताया जा रहा है कि इस ग्रुप के तार कई देशों से जुड़े हुए थे। यह एक मास्टर ग्रुप की तरह काम करता था जिसमें लोग पॉर्न अपलोड करते थे और दूसरे लोग वहां से वीडियो डाउनलोड करके डिस्ट्रीब्यूट करते थे। भारत के अलावा यूएसए, चीन, मेक्सिको, अफगानिस्तान, ब्राजील, पाकिस्तान, श्रीलंका, नाइजीरिया, केन्या जैसे देशों के लोग भी इस ग्रुप में शामिल हैं।

ऐसे हुआ इस रैकेट का खुलासा

सीबीआई को इंटेलिजेंस इनपुट मिला था कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चाइल्ड पॉर्नोग्राफी का बहुत बड़ा रैकेट चलाया जा रहा था। सीबीआई ने अंडरकवर रहते हुए इस ग्रुप को जॉइन किया और ऐप को सर्विलांस पर रखा। सीबीआई ने ग्रुप एडमिन के आईपी एड्रेस को टारगेट किया और कुछ समय तक उस पर नजर रखी।