भीमा कोरेगांव हिंसा: SC ने नजरबंद लोगों पर सुनवाई टाली

  By : Mohit Kumar | September 6, 2018 12:45 pm

नई दिल्ली। भीमा कोरेगांव नक्सल कनेक्शन में गिरफ्तार पांचों सामाजिक कार्यकर्ताओं पर गुरूवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पांचों की गिरफ्तारी पर सुनवाई को 12 सितंबर तक टाल दिया है। साथ ही कोर्ट ने महाराष्ट्र पुलिस को यह कहते हुए फटकार लगाई है कि वह कोर्ट के काम में दखल न दें। इसके अलावा कोर्ट ने पुणे पुलिस से कहा कि पुलिस ने कैसे बोला कि सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में दखल नहीं देना चाहिए? वहीं सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले की जांच के लिए स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। साथ ही इसके लिए कोर्ट की ओर से एक कमेटी गठित करने की भी मांग की है।

बता दें कि हाल ही में पांच वामपंथी रोमिला थापर, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे, माया डार्नल और सुधा भारद्वाज समेत कई अन्य लोगों को पुणे पुलिस ने देश के कई राज्यों में छापेमारी कर गिरफ्तार किया था। जिसके बाद पांचों लोगों को चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने 29 अगस्त से 6 सितम्बर तक नजरबंद रखने का आदेश दिया था। इस नोटिस के जवाब में ही महाराष्ट्र पुलिस ने बधुबार को हलफनामा दायर पेश किया था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस ने बुधवार को अपने हलफनामे में दावा किया है कि ये कार्यकर्ता देश में हिंसा फैलाने और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला करने की योजना बना रहे थे। साथ ही पुलिस का कहना है कि विरोधी नजरिए की वजह से पांचों लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया और इसे सिद्ध करने के लिए उसके पास पर्याप्त सबूत हैं।