भारत चीन का मुकाबला करने में सक्षम: सेना प्रमुख

  By : Bhagya Sri Singh | January 12, 2018
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नई दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को चीन को भारत की बढ़ती हुई ताकत का एहसास करवाया। उन्होंने कहा चीन भले ही एक ताकतवर देश है, लेकिन भारत भी कमजोर नहीं है। भारत किसी को भी अपने क्षेत्र में घुसपैठ की अनुमति नहीं देगा। इसी के साथ रावत ने चीन से टक्कर लेने के लिए भारतीय सेना की तैयारियों पर भी बातचीत की।

बिपिन रावत ने ये बात डीआरडीओ कार्यशाला और सीबीआरएन रक्षा प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद अपने वक्तव्य में कही। उन्होंने कहा , ‘अब समय आ गया है कि भारत अपना ध्यान उत्तरी सीमा की ओर केंद्रित करे। देश इसके साथ ही चीन की आक्रामकता से निपटने में भी सक्षम है।’

मीडिया से मन साझा करते हुए बिपिन रावत ने कहा, ‘चीन एक शक्तिशाली देश है, लेकिन हम कमजोर देश नहीं हैं। हम किसी को भी हमारे क्षेत्र में घुसपैठ की अनुमति नहीं देंगे। हम सीमा पर होनेवाली गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। किसी भी तरह की हलचल हुई तो हम तैयार हैं।’

अमेरिका द्वारा आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान के साथ अपनाई जा रही सख्ती पर रावत ने कहा, ‘भारत को इंतजार करना होगा और इसका असर देखना होगा। पाकिस्तान में आतंकवादी केवल इस्तेमाल करके फेंकने की चीज हैं। भारतीय सेना का नजरिया यह सुनिश्चित करना रहा है कि उसे दर्द का एहसास हो।’

इसी के साथ रावत ने रासायनिक, जैविक, रेटियोलॉजिकल और परमाणु हथियारों के खतरनाक प्रभाव का जिक्र करते हुए कहा कि सीबीआरएन हथियारों का इस्तेमाल मानव जगत और व्यापार जगत को खतरे में डाल सकता है। जिसकी भरपाई करने में  काफी लंबा समय लग जाएगा।

रावत ने इस संकट से उबरने के लिए सुरक्षा तकनीकों, उपकरणों और प्रणालियों को विकसित करने और सैनिकों को ट्रेनिंग देने का सुझाव दिया। ये कोई पहला मौका नहीं है जब बिपिन रावत ने हथियारों के प्रयोग पर अपने सुझाव साझा किए हों। वो हमेशा कहते हैं कि स्वदेश निर्मित  ‘मेड इन इंडिया हथियारों का प्रयोग करना चाहिए।