रोहिंग्या की बस्ती में मिला 30 लाख कैश, जांच शुरू

  By : Bankatesh Kumar | August 10, 2018 3:29 pm
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नई दिल्ली। असम में एनआरसी रिपोर्ट जारी होने के बाद बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रोहिंग्या शरणार्थियों की झुग्गी बस्ती से 30 लाख रुपए मिलने से सनसनी फैल गई। फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि आखिर मजदूरी करने वाले तीन युवकों के पास इतने रुपए आए कैसे। कहीं इन रुपए से किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने का इरादा तो नहीं था।

जानकारी के मुताबिक घटना जम्मू के चन्नी हिम्मत इलाके की है। पुलिस को खबर मिली थी कि रोहिंग्या शरणार्थियों की बस्ती में अवैध रूप से बड़ी रकम की खेप आई है। इसके बाद पुलिस ने चन्नी हिम्मत इलाके स्थित रोहिंग्या की झुग्गियों में जाकर दबिश दी तो एक कूड़े के ढेर से 30 लाख कैश बरामद हुए। कैश को एक बैग में रखकर कूड़े के ढेर में छुपाया गया था। संदेह पर पुलिस ने शाकर कमाल, अनवारा बेगम और आशिया आलम नाम के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। कहा जा रहा है कि तीनों हाल ही में बांग्लादेश से लौटकर आए हैं।

ऐसे में पुलिस को और संदेह हो गया है कि आखिर बिना पासपोर्ट के वो भारत में इतनी बड़ी रकम लेकर कैसे घुसे। आरोपियों का कहना है कि दोनों पिछले 6 साल से जम्मू में रह रहे हैं। वहीं अधिकारियों को शक है कि कहीं आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए तो ये रकम नहीं लाई गई थी। दरअसल, म्यांमार में पिछले कई साल से बौद्ध और रोहिंग्या के बीच हिंसा जारी है। ऐसे में हजारों रोहिंग्या म्यांमार छोड़कर भारत में घुसपैठ कर गए हैं। इनकी सबसे ज्यादा घुसपैठ जम्मू में हुई है।

बता दें कई आतंकी घटनाओं में रोहिंग्या की भूमिका पाई गई है। ऐसे में रोहिंग्या भारत के लिए खतरा हो गया है। पिछले साल अगस्त महीने में जब रोहिंग्या को भारत में घुसने से रोका गया था तो काफी बवाल मचा था। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने हंगामा किया था। खास कर जम्मू चेंबर ऑफ़ कॉमर्स और जम्मू एंड कश्मीर नेशनल पैंथर्स ने रोहिंग्याओं को देश के लिए खतरा बताते हुए उन्हें बाहर निकालने की मांग की थी। इससे पहले जनवरी महीने में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जम्मू में एक बड़े मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया था। नूर गुल अमीन नाम का एक रोहिंग्या म्यांमार से नाबालिग लड़कियों को लाकर जम्मू में बेचता था। तीन लड़कियों को पुलिस ने बचाया भी था।