ऐसा होता है पहली बार मातृत्व का एहसास

  By : Bhagya Sri Singh | August 11, 2018 3:29 pm
during first pregnancy womans think these things

नई दिल्ली। गर्भावस्था का समय हर गर्भवती महिला के लिए उसके जीवन का अविस्मरणीय पल होता है। जब एक नई जिंदगी गर्भवती महिला के गर्भ में सांस लेती है तो उसे अपनी पूर्णता का एहसास होता है। जब एक महिला पहली बार मां बनती है तो उसके मन के एहसासों को शब्दों में बयां कर पाना नामुमकिन है। महिला हर समय बस अपने अजन्मे बच्चे के बारे में ही सोचती रहती है और मन ही मन कल्पनाओं के कई जाल बुनती रहती है। इस दौरान महिलाओं के मन में अलग अलग तरह के कई ख्यालात आते रहते हैं। गर्भावस्था के 9 महीनों के दौरान महिला उसके संपर्क में आने वाली हर चीज के प्रति बेहद संवेदनशील हो जाती है।

गर्भावस्था काल पूरा होने पर जब डॉक्टर महिला को उसका नन्हा सा शिशु थमाता है तो महिला पलकें झपकाना ही भूल जाती हैं उसकी सारी दुनिया वहीं ठहर जाती है।आइये आज हम आपको बताते हैं कि पहली बार गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला के मन में किस तरह के ख्याल आते हैं और वो क्या सोचती है:
– जब महिलाएं पहली बार गर्भवती होती हैं तो वो सोचती हैं कि डिलीवरी के दौरान उन्हें असहनीय दर्द से होकर गुजरना पड़ेगा।

– महिलायें गर्भावस्था की शुरुआत से ही गर्भस्थ शिशु को लेकर फिक्र करना शुरू कर देती हैं। उन्हें हर समय इस बात की चिंता लगी रहती है कि उनका बच्चा ठीक है या नहीं।

– गर्भावस्था के समय में जब महिलायें लेबर पेन से होकर गुजरती हैं तो वो चाहती हैं कि उनका जीवनसाथी उनके साथ हो। यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें लगता है कि उनका जीवनसाथी उनकी परवाह नहीं करता है।

– डिलीवरी की डेट पास आते-आते महिलाओं को अपने मायके और मां की याद सताने लगती है।