यहां कैंसर पीड़ित मरीजों का हो रहा मुफ्त में इलाज

  By : Shubham Srivastawa | August 20, 2018 8:03 pm
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नई दिल्ली। कैंसर के मामले भारत में खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं और यह आशंका जताई जा रही है कि 2020 तक 17 लाख कैंसर के नए मामले सामने आ जाएंगे। कैंसर के उपचार की पेशकश करने वाले सरकारी अस्पतालों के पास सीमित क्षमता है। निजी क्षेत्र के प्रीमियर अस्पतालों के पास गुणवत्तापूर्ण उपचार मुहैया कराने की क्षमता है लेकिन वे महंगे हैं। इससे समाज के पिछड़े तबके के हजारों मरीज अधर में रह जाते हैं जिन्हें सरकारी अस्पतालों में लंबी प्रतीक्षा सूची और महंगे उपचार का खर्च वहन करने की उनकी अक्षमता के कारण मौत का सामना करना पड़ता है।

नीरू सर्गी, 55 वर्शीय दार्जिलिंग की महिला के चेहरे की खून की नसों में ट्यूमर हो गया था। समय के साथ ट्यूमर काफी बढ़ गया और चेहरे के बाईं ओर फैल गया। उन्होंने अपने राज्य में दो बार इसका ऑपरेशन कराया लेकिन ट्यूमर हर बार और भी गंभीर होकर लौट आता था। जब वह उम्मीद के पास आईं तो ट्यूमर काफी बड़ा हो गया था और समय-समय पर उससे खून भी आता था। यह सिर्फ समय की बात थी कि उन्हें लगातार रक्तस्राव का सामना करना पड़ सकता था जो उनकी मौत की वजह भी बन सकता था। हमने पूरी तरह उनकी जांच की। सबसे पहले एक छोटी सर्जरी की गई जिसमें ट्यूमर को आपूर्ति दे रही मुख्य आर्टरी के स्रोत से ही काट दिया गया। 48 घंटे बाद घंटों तक चले मेटिक्यूलस सर्जरी के माध्यम से ट्यूमर को निकाला गया। उनकी तबियत में काफी सुधार हुआ है और वह फिलहाल सिर्फ एक टैबलेट ले रही हैं जो ट्यूमर को वापस लेने से रोक रहा है। उनकी तबियत अब काफी ठीक है और अपने परिवार के साथ जीवन जी रही हैं।

उम्मीद का लक्ष्य स्वास्थ्यसेवा तक पहुंच और वहन करने की क्षमता के बीच के अंतर को भरना है। यह सुनिष्चित करता है कि समयबद्ध तरीके से गुणवत्तापूर्ण देखभाल मरीजों को पहुंचाई जाए भले ही उनकी वित्तीय क्षमता कुछ भी हो। उम्मीद डॉ. मनदीप एस मल्होत्रा, प्रमुख, डिपार्टमेंट ऑफ हेड, नेक एंड ब्रेस्ट ऑन्कोप्लास्टी, श्रीमती ललिता राकयान (प्रोजेक्ट चेयरपर्सन) लॉयनेस डिस्ट्रिक्ट 321 ए2 (जो इस प्रोजेक्ट के लिए धन जुटाती हैं), फोर्टिस फ्लाइट लेफ्टिनेंट राजन ढल हॉस्पिटल (एफएचवीके) और बाला प्रीतम कैंसर केयर हॉस्पिटल का दृश्टिकोण है जो अत्यधिक सब्सिडी के साथ मरीजों को सर्जरी और उपचार मुहैया कराते हैं। उम्मीद के अंतर्गत उन मरीजों को पंजीकृत किया जाता है जिन्हें अत्यधिक गंभीर कैंसर से पीड़ित पाया गया है। फिलहाल उम्मीद हेड नेक, ब्रेस्ट और थायरॉयड कैंसर से पीड़ित मरीजों का समर्थन करता है।

संदीप गडगुरू, फेसिलिटी निदेषक, फोर्टिस वसंत कुंज ने कहा, ’’फोर्टिस वसंत कुंज में हमें एक ऐसे कार्यक्रम का हिस्सा बनने का गर्व है जो ऐसी गंभीर बीमारियों का उपचार समाज के कमजोर तबके के लोगों को मुहैया करा रहा है। हम उम्मीद के अंतर्गत की जाने वाली सर्जरी पर काफी सब्सिडी देते हैं। ऑन्कोलॉजिस्ट्स, पैथोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट और पूरी चिकित्सकीय समाज की ओर से इस कार्यक्रम को काफी समर्थन मिल रहा है।’’2017 में अपनी शुरुवात के समय से उम्मीद प्रयास काफी आगे तक आ गया है लेकिन काफी सफर बाकी है और बहुत सारे लोगों तक पहुंचना है।