अभिभावक नहीं दोस्त बन कर सवारें उनकी जिंदगी

  By : Priyambada | August 13, 2018 4:54 pm

नई दिल्ली। आजकल के पेरेंट्स इस बात से ज्यादा परेशान रहते हैं कि उनके बच्चे उनकी बाते नहीं सुनते है । इसके लिए
किसे जिम्मेदार माना जायेगा। इस बात के लिए काफी हद तक पेरेंट्स ही जिम्मेदार हैं। यदि पेरेंट्स अपने बच्चों को समझाने का प्रयास करेंगे तो बच्चे उनकी बात जरूर मानेंगे। सबसे पहले अपने बच्चों का अच्छा दोस्त बनने का प्रयास करें जिससे वो आप से बिना किसी संकोच के अपनी समस्या को साझा कर सकें। उन्हें प्रेरक बातें बताये और अच्छी , बुरी आदतों के लाभ और हानि के बारे में जरूर बताएं।

कैसे करें अच्छी आदतो का विकास
बड़े हो रहे बच्चो में यदि आप चाहते है कि अच्छी आदतो का विकास हो और वो बुरी संगती में न पड़े तो उनके करीब रहने का प्रयास करें अच्छे दोस्त बन कर। उनके दोस्तो के बारे में भी जानने का प्रयास करें। इस तरह यदि वो गलत लोगो से दोस्ती करते है तो आप उन्हे समझा सकते है इससे वो बढती उम्र में सही और गलत लोगो की पहचान करने में भी सक्षम होगें।

बड़ो का सम्मान करने की आदत डालें
बच्चों में अपने से बड़ो का सम्मान करने की भावना का विकास कराना माता पिता की ही जिम्मेदारी होती है। यदि आपका बेटा या बेटी ही आपकी इज्जत नही करता तो बाहर भी लोगों से अच्छी तरह से नही मिलेगा।

अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करें
अपने बच्चो को अच्छे काम करने के लिए प्रेरित करे जैसे कि किसी अपने जरूरतमंद दोस्त की सहायता करना। ऐसा करने से उसमें लोगो की हेल्प करने की भावना का विकास होगा । इस तरह से आपका बच्चा समाज सेवा का मतलब भी समझेगा।

फैसला लेने में करें उनकी मदद
जीवन में सबको कुछ न कुछ छोटे और बड़े फैसले लेने पड़ते है और इसके लिए माता पिता आपके साथ हरदम हो ऐसा तो नही हो सकता है तो अपने बच्चो में फैसला लेने की आदत और साहस डालने का प्रयास करे । इस तरह से वो अपने जीवन में सही फैसला लेने में समर्थ हो सकेगें ।

बच्चों सें भी ले सलाह
कोई काम करने जा रहें है तो बच्चों से भी सलाह ले इस तरह से उनका आत्मविश्वास बढेगा। और कई बातो में तो वो आपको अच्छी सलाह भी दे सकते है जैसे बजारा में कौन सा नया मोबाइल फोन आया हुआ है और उसमें कौन कौन से ऐप्स हैं।