मेर्सल पर चीखने वाली कांग्रेस पद्मावती पर खामोश क्यों?

  By : Team Khabare | November 23, 2017

अश्विनी ‘सत्यदेव’

नई दिल्ली। इस समय देश भर में पद्मावती फिल्म को लेकर हाहाकार मचा है। हर तरफ इस फिल्म का विरोध हो रहा है। एक तरफ राजस्थानी की राजपुतानी तलवारें मयान से खींच चुकी है तो दूसरी तरफ फिल्म में काम करने वालों को नाक काटने और टांगे तोड़ने की धमकियां दी जा रही है। खैर, पद्मावती को लेकर सियासी गलियारों में भूचाल आया हुआ है लेकिन एक पार्टी है जिसे शायद अब तक पद्मावती की खबरें नहीं मिली हैं। जी हां, तमिल फिल्म मेर्सल पर चीखने वाली कांग्रेस आज हिंदी फिल्म पद्मावती पर खामोश है।

आखिर ऐसी क्या वजह है जो कांग्रेस के युवराज कुछ दिनों पूर्व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिनेमा पर ज्ञान देते हैं लेकिन पद्मावती पर हो रही इतनी बड़ी जंग पर चुप्प क्यों है। उस वक्त राहुल गांधी ने सोशल नेटवर्किंग साइट ट्वीटर पर लिखा था कि, ‘मिस्टर मोदी, सिनेमा तमिलनाडु संस्कृति और भाषा की गहरी अभिव्यक्ति है। ‘मेर्सल’ में हस्तक्षेप कर तमिल प्रतिष्ठा को ‘डिमोन-टाइज’ करने की कोशिश न करें’।

मेर्सल पर ​तीखी प्रतिक्रिया देने वाले राहुल गांधी ने पद्मावती को लेकर अब तक कुछ नहीं किया है। न तो वो फिल्म का विरोध कर रही है और न ही सर्मथन। लेकिन याद रहे खामोशी भी स्वीकार्यता का ही एक रूप होता है।

कहीं वजह गुजरात के मुसलमान तो नहीं:
अब पद्मावती पर कांग्रेस की चुप्पी की वजह चाहे जो भी हो लेकिन जानकार ये मानते हैं कि, इस फिल्म को लेकर बीजेपी ने भी अपनी तेवर तल्ख कर लिए हैं। यूपी के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अपने सूबे में फिल्म को बैन कर दिया वहीं एमपी में शिवराज सिंह चौहान ने भी राजपुताना शान का हवाला देते हुए फिल्म के एमपी में प्रदर्शित होने पर रोक लगा दी। जहां बीजेपी अपना विरोध दर्ज कराकर हिंदूत्व की छवि को बरकरार रख रही है वहीं कांग्रेस आगामी गुजरात चुनाव के मद्देनजर इस मुद्दे पर खामोश बनी हुयी है।

कहीं कांग्रेस की इस चुप्पी की असल वजह गुजरात के मुस्लमान तो नहीं हैं। जानकारों की माने तो कांग्रेस का ये मानना है कि, यदि वो इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध दर्ज नहीं कराती है तो गुजरात के मुस्लिम हिंदूवादी नीति वाली बीजेपी के खिलाफ उन्हें अपना वोट दे देंगे। खैर फिल्म को लेकर हर कोई अपनी सियासत चमकाने में लगा है।

करणी सेना का समर्थन करके बीजेपी ने राजपुताना वोट बैंक के साथ ही समग्र हिंदू वोटरों को एक साथ अपनी तरफ ​खीचा है। वहीं कांग्रेस चुप्पी साधकर गैर हिंदू वोटो को विशेषकर मुस्लिमों को अपनी ओर करने की जुगत में है। मेर्सल फिल्म पर पीएम को ज्ञान देने वाले राहुल गांधी ने इस फिल्म को लेकर एक भी ट्वीट नहीं किया है। शायद राहुल गांधी को इस मुद्दे में किसी की भावना आहत होती नहीं दिख रहा है।