UP: पुलिस ने नहीं सुनी रेप पीड़िता की गुहार, किया आत्मदाह

  By : Akash Kumar | August 31, 2018 6:56 pm

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेप पीड़ितों के लिए बड़े-बड़े वादे करने वाली योगी सरकार नाकाम सबित हो रही है। प्रशासन से हारकर शाहजहांपुर जिले में रेप की शिकार एक महिला ने  आग लगाकर खुदकुशी कर ली। पीड़िता ने अपने साथ अपने बच्चे को भी जलाने की कोशिश की। लेकिन बच्चे को बचा लिया गया है। पीड़िता को भी आनन फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

बता दें कि महिला परौर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहती थी। उसका पति दिल्ली में काम करता है। 28 वर्षीय मृतका की किसी कारणवश तबियत खराब हो गई थी। जिसके बाद 18 अगस्त को महिला ने इलाज कराने के लिए अमृतापुर निवासी एक झोलाछाप डॉक्टर विनय कुमार को घर पर बुलाया था। डॉक्टर ने महिला को घर में अकेले देख, उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया और किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

महिला ने अपने साथ हुए कृत्य की जानकारी पति को दी। जिसके बाद दोनों ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस थाने पहुंचे। जहां पुलिस ने मुकदमा लिखने से इंकार करते हुए सुलह कराने के लिए दबाव डाला। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई ना करने से हताहत महिला ने 29 अगस्त को मिट्टी का तेल डालकर खुद का आग के हवाले कर दिया। इस आत्मदाह में महिला का तीन वर्षीय बेटा भी झुलस गया। स्थानीय लोगों ने पीड़ितों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। जबकि बेटे को बचा लिया गया है। आग में महिला का शरीर 95 प्रतिशत तक झुलस चुका था।

पुलिस अधीक्षक एस एस चिनप्पा ने बताया कि मामले की जानकारी के बाद तत्काल प्रभाव से परौर थानाध्यक्ष सुभाष कुमार, दरोगा लाल सिंह राणा और लोकेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दरोगा लाल सिंह राणा और लोकेश पर पीड़िता की रिपोर्ट ना लिखने के मामले में केस दर्ज किया गया है। आरोपी डॉक्टर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। चिनप्पा ने बताया कि पीड़िता और आरोपी के मध्य समझौता कराने में शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।