शेयर बाजार को 200 अंकों का झटका, रूपया सबसे निचले स्तर पर

  By : Rahul Tripathi | August 16, 2018 1:42 pm
stock market

बम्बई। भारतीय शेयर बाजार में आज का दिन काफी निराशाजनक रहा है। सेंसेक्स में 200 अंकों की गिरावट आई है। साथ ही रुपए में, अबतक की सबसे निचले स्तर की गिरावट के साथ एक रिकार्ड कायम हुआ है। एक डॉलर 70.31 रुपए के बराबर हो गया है। आज डॉलर 29 पैसे की गिरावट से खुला और अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच कर 70.31 रुपए तक के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि बाद में बाजार ने रिकवरी भी की है।

बता दें कि आज शेयर बाजार में गिरावट का दौर रहा है। देश के प्रमुख 30 शेयरों वाले इंडेक्स का सेंसेक्स 152 अंको की गिरावट के साथ 37,700 के स्तर पर जाकर रुक गया। जबकि निफ्टी 38 अंकों की गिरावट के साथ 11397 अंको के स्तर पर पहुंच गया है। मेटल उद्योग, बैंकिंग, एफएमसीजी तथा रियल्टी शेयरों में भारी बिकवाली देखने में आई। इसलिए भारतीय शेयर बाजार काफी दबाव में आ गया है।

बैंकिंग निफ्टी आज 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 27,850 पर पहुंच कर रुका। वहीं फार्मा और आई शेयरों में बढ़ती खरीदारी के कारण मजबूती देखने को मिली है। जबकि देश की दिग्गज कंपनियों के शेयरों में जैसे कि वेदांता, हिंडाल्को, कोटक महिंद्रा बैंक, यस बैंक, टाटा स्टील और अदानी पोर्ट्स आदि में 4.00 से 0.9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।

ऐसी कुछ कंपनी जिनके शेयरों में सर्वाधिक गिरावट देखी गई है, वे कोहिनूर फूड्स डीआईसी इंडिया, मंगलम ड्रग्स, बीजीआर एनर्जी तथा स्मॉलकैप के शेयर हैं। जिसमें 20 से 6.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। साथ ही जिंदल स्टील, एनएलसी इंडिया, राजेश एक्सोर्ट्स, जेएसडब्ल्यू स्टीम और सेल के शेयरो में 2.6 से 1.75 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

देश के आर्थिक जगत में शेयरों की गिरावट के साथ ही एक और घटना ने लोगों का ध्यान आकर्षत किया है। वह है, भारतीय रूपये का डॉलर के मुकाबले सबसे कमजोर स्तर पर पहुंच कर एक रिकार्ड कायम करना। भारतीय रुपया कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 72 के पार चला गया। हालांकि देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में रुपये के मजबूत होनी की पूरी संभावना है।

रुपये की इस गिरावट का प्रभाव तत्कालीन महंगाई पर भी दिखाई देगा। वैसे तो विश्व के कई देशों की अर्थव्यवस्था में गिरावट का दौर जारी है। जिसके कारण स्वत: डॉलर मजबूत हो गया है। भारतीय रूपये की गिरावट का यह भी एक कारण है। इसके अलावा पेट्रोलियम पदार्थों में लगातार बढ़ोत्तरी के कारण भी रुपया कमजोर हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी कुछ दिनों तक रूपये की गिरावट का रुख जारी रहेगा।