1 सितंबर से बदल जाएंगे वाहन बीमा के ये नियम

  By : Bhagya Sri Singh | August 30, 2018 1:32 pm
motor insurance rules changed from 1 september 2018

नई दिल्ली।  नई कार या बाइक खरीदने का सपना देखने वालों को अब इसे साकार करने के लिए क्रमशः 24 हजार और  13 हजार रुपये तक की अतिरिक्त धनराशि चुकानी पड़ेगी।  1 सितंबर से नई कार और दोपहिया वाहन खरीदने वालों को क्रमश: 3 साल और 5 साल का अपफ्रंट इंश्योरेंस कवर लेना अनिवार्य होगा। यदि आप लंबे समय के लिए प्रीमियम पेमेंट कराते हैं तो इस कारण नई गाड़ी की शुरुआती कीमत थोड़ी महँगी हो जाएगी। लेकिन इसके बाद ग्राहकों को वाहन बीमा का वार्षिक रीन्यूअल नहीं कराना पड़ेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को आदेश दिया था कि नई कार के लिए थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर 3 साल और टू-वीलर्स के लिए 5 साल के लिए लेना अनिवार्य होगा। यह आदेश 1 सितंबर से सभी नीतियों पर प्रभावी रूप से लागू हो जाएगा। दरअसल अदालत ने बीमा कंपनियों को लॉन्ग टर्म थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर ऑफर करने का आदेश इसलिए दिया था क्योंकि वाहनों का बीमा अनिवार्य बनाने के बाद भी बहुत कम ग्राहक ही ऐसे थे जो इसे रीन्यू करा रहे थे।

आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के अंडरराइटिंग हेड संजय दत्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि अदालत के इस फैसले से वाहन बीमा सेक्टर का दायरा बढ़ेगा और अब पहले से ज्यादा गाड़ियों का इंश्योरेंस कवर होगा। अदालत की इस पहल के बाद अब अब इंश्योरेंस बनाम बिना इंश्योरेंस का मसला सुलझ जाएगा। थर्ड-पार्टी वीइकल्स पर इंश्योरेंस कवर की मात्रा अब पहले से ज्यादा बड़ी और अच्छी होगी। बदले हुए नियमों के बाद बीमा कम्पनियां तीन साल और पांच साल के थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के साथ एक साल का डैमेज इंश्योरेंस भी मुहैया करा सकती हैं।