स्वास्थ्य मंत्रालय बैन कर सकता है 300 से ज्यादा दवाएं

  By : Bhagya Sri Singh | August 4, 2018 11:13 am
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नई दिल्ली। स्वास्थ्य मंत्रालय बहुत जल्द ही 300 से अधिक फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेसन मेडिसिन्स (एफडीसी दवाइयों ) पर बैन लगा सकता है। सरकार के इस फैसले से बड़ी दावा निर्माता कंपनियां जैसे कि पीरामल, मैक्लिऑड्स, सिप्ला और ल्यूपिन और एबॉट जैसी मल्टी नेशनल कम्पनियों के कारोबार पर काफी फर्क पड़ेगा। कंपनियां सरकार के इस फैसले के खिलाफ अदालत भी जा सकती हैं। सरकार ने ड्रग अडवाइजरी बॉडी की एक उप-समिति की सिफारिश के आधार पर दवाइयों पर बैन लगाने का फैसला लिया है।

दवाइयों पर लगने वाले बैन के प्रारंभिक मसौदे की अधिसूचना के मुताबिक़ यदि सरकार ने इन दवाओं पर बैन लगा दिया तो आम जनमानस द्वारा प्रयोग में लायी जाने वाली फेंसेडिल, सेरिडॉन और डी’कोल्ड टोटल जैसे कफ सिरप, दर्द निवारक दवाएं जैसे कि निमूसुलिड और फ्लू की दवाइयों पर बैन लग जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बैन की जाने वाली 343 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन मेडिसिन्स की लिस्ट ड्रग टेक्नॉलजी अडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) की सिफारिशों के आधार पर बनाई गई है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2017 में डीटीएबी को आदेश दिया था कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय को कारण सहित सलाह दे कि वह किन दवाइयों को रेग्युलेट, रेस्ट्रिक्ट या पूरी तरह से बैन करे। सुप्रीम कोर्ट ने एफडीसी बैन के मसले पर सरकार और दवा कंपनियों के बीच जारी रार पर यह फैसला दिया था।