बैंकों ने उपभोक्ताओं से वसूले 5,000 करोड़ रुपये

  By : Bhagya Sri Singh | August 5, 2018 12:05 pm
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नई दिल्ली। बैंकों ने उपभोक्ताओं से जुर्माने के तौर पर 5,000 करोड़ रुपये वसूले हैं। बैंक ने ये जुर्माना उन लोगों से वसूला है जो अपने अकाउंट में मिनिमम बैलेंस तक नहीं रख पते हैं। ऐसे लोगों के लिए पीएम मोदी द्वारा शुरू की गई जन-धन योजना के तहत करीब 30.8 करोड़ बेसिक सेविंग्स अकाउंट खोलने के बावजूद भी बैंकों द्वारा वसूले गए जुर्माने की राशि काफी ज्यादा है। भारतीय स्टेट बैंक के कारण वित्त वर्ष 2018 में उपभोक्ताओं से दोगुनी धनराशी वसूली। भारतीय स्टेट बैंक ने साल 2018 में उन उपभोक्ताओं से दोगुना जुर्माना राशि वसूलनी शुरू की जिनके खातों में बैंक द्वारा निर्धारित मिनिमम बैलेंस राशि तक नहीं थी।

भारतीय स्टेट बैंक ने उपभोक्ताओं से सबसे अधिक करीब 2,434 करोड़ रुपये की जुर्माना राशि वसूल की है। वहीं भारत के 3 बड़े प्राइवेट बैंक ऐक्सिस, एचडीएफसी और आईसीआईसीआई ने भी उपभोक्ताओं से मिनिमम बैलेंस न रखने पर 30 फीसदी जुर्माना राशि वसूली है।

बता दें कि साल 2017-18 के बीच स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने उपभोक्ताओं से 2,434 करोड़ रूपए वसूले, एचडीएफसी बैंक ने 590 करोड़ करोड़ रूपए, ऐक्सिस बैंक ने 530 करोड़,आईसीआईसीआई बैंक ने 317 करोड़ रूपए और पंजाब नैशनल बैंक ने उपभोक्ताओं से 211 करोड़ रूपए वसूले थे।

गौरतलब हो कि पिछले वित्त वर्ष में एसबीआई को 6547 करोड़ रुपए का भारी घाटा उठाना पड़ा था। यदि बैंक ने उपभोक्ताओं से मिनिमम बैलेंस न रखने के एवेज में यह जुर्माना न वसूला तो उसका नुकसान और ज्यादा रहता। एसबीआई ने 2012 तक खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर उपभोक्ताओं से जुर्माना वसूला था। भारतीय स्टेट बैंक ने एक बार फिर 1 अक्‍टूबर 2017 से यह व्यवस्था दोबारा शुरू कर दी है। भारतीय रिजर्व बैंक के नियमों के अनुसार बैंकों को सेवा और अन्य शुल्क वसूलने का हक़ है।