सावन के 4 सोमवार, पढ़िए योग संयोग और शुभ मुहूर्त

By Priyambada Jul 30, 2018 2:17 pm

नई दिल्ली: सावन हर बार की तरह इस बार भी अपने साथ कई संयोग लेकर आया है। आज सावन की पहली सोमवारी है। इस दौरान देशभर के मंदिरों में श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं। पंचांग के अनुसार, इस बार सावन पूरे 30 दिन का है, जिसके कारण यह अधिकमास है। पहले की अपेक्षा इस बार कुछ अलग और अच्छे शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। हर सोमवार को अलग अलग राशियों के लिए नया और शुभ संयोग बन रहा है।

बता दें कि पूरा श्रावण मास, जप, तप और ध्यान के लिए उत्तम होता है। इस मास में सोमवार का विशेष महत्व है। सोमवार का दिन चंद्र ग्रह का दिन होता है और भगवान शिव चंद्रमा के नियंत्रक हैं। इसलिए इस दिन पूजा करने से चंद्रमा और भगवान शिव दोनों की कृपा मिलती है। अगर कोई व्यक्ति सावन के हर सोमवार को विधि पूर्वक भगवान की पूजा अर्चना करता है, तो उसे हर समस्याओं से मुक्ति मिल जाती है। 

पहला सोमवार

आज श्रावण मास की पहली सोमवारी है। इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र, द्विपुष्कर योग और सौभाग्य योग लग रहे हैं। यह योग बहुत शुभ और मंगलकारी माना जाता है। अगर सावन के सोमवार को पति पत्नी साथ में पूजा अर्चना करें तो उन्हें भगवान शिव और मां पार्वती की विशेष कृपा मिलती है।

 दूसरा सोमवार

इस साल सावन मास का दूसरा सोमवार 6 अगस्त को है। इस दिन भगवान शिव की पूजा आराधना करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दूर होगी और बेहत्तर स्वास्थ्य प्राप्त होगा। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, वृद्धि योग और कृतिका नक्षत्र लग रहे हैं। जब इस तरह का योग बनता है तो मुहूर्त में शुक्र अस्त, पंचक और भद्रा आदि पर विचार करने की जरूरत नहीं होती।

तीसरा सोमवार

सावन मास का तीसरा सोमवार 13 अगस्त को है। यह साधना और पूजा अर्चना के लिए सबसे अच्छा माना जा रहा है। यह सोमवार भगवान शंकर की पूजा अर्चना करने वालों के लिए उनके कठिन कार्यों का निष्पादन करने वाला होगा। इस दिन भक्त भगवान शिव के मंत्रों का जाप करके मंत्र सिद्धि भी प्राप्त कर सकते हैं। इस दिन महान शिव योग के साथ पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और मधुस्रावणी पर्व भी है। जिसे सौभाग्य कारक माना गया है। इस दिन जो भी सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा अर्चना करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

 चौथा सोमवार

सावन मास का चौथा और अंतिम सोमवार 20 अगस्त को है। यह श्रद्धालुओं के आर्थिक कष्टों का निवारण करेगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने पर भक्त शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे। साथ ही कार्य क्षेत्र एवं जीवन के दूसरे क्षेत्रों की बाधाएं भी दूर हो जाएंगी। इस दिन ज्येष्ठ नक्षत्र, वैधृति योग बन रहा है। यह योग भक्तों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा।

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