महिलाओं के बाद पुरूष अपने गुप्तांग को बना रहे हैं गोरा!

By Priyambada Jan 7, 2018 4:17 pm

नई दिल्ली:  खुद को हर तरह से प्रेजेंटबल बनाने के लिए लोग हर तरह के एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। उनमें से एक नया ट्रेंड चल पड़ा है अपने गुप्तांग को गोरा बनाने का। पहले महिलाएं अपने वजाइना को गोरा बनाने के लिए एक नई ट्रीटमेंट अपना रही थी। अब पुरूष भी ऐसा कर रहे हैं। जी हां इस बात का खुलासा बैंकॉक के एक हॉस्पिटल से हुआ जहां पर हर महीने लगभग 100 पुरुष अपने गुप्तांग को गोरा करने के लिए इस ट्रीटमेंट का सहारा ले रहे हैं। बैंकॉक के इस हॉस्पिटल ने इस सर्विस की जानकारी फेसबुक पर दी है। जैसे उनकी इस ट्रीटमेंट के बारे में पोस्ट डाली गई वायरल होने लगी।

हलांकि थाईलैंड की सरकार ने लोगों को इस ट्रीटमेंट के खतरों के बारे में चेतावनी देना शुरू कर दिया ​है। आपको बता दे कि कुछ दिनों पहले बैंकॉक के लीलक्स हॉस्पिटल में महिलाओं के वजाइना के लिए भी ऐसी ही सर्विस देना शुरू किया था।

हॉस्पिटल के मैनेजर ने मीडिया को बताया है कि महिलाओं के वजाइना को गोरा करने की  ट्रीटमेंट के बाद से ही पुरुष अपने गुप्तांग को गोरे करने के लिए पूछने लगे। पुरूषो का इस तरफ रूझान देखते हुए इस सर्विस को लॉन्च कर दिया गया।

सूत्रों की माने तो बैंकॉक के लीलक्स हॉस्पिटल बॉडी व्हाइटनिंग के लिए ही जाना जाता है। यह हॉस्पिटल लेजर व्हाइटनिंग के जरिए पुरुषों के गुप्तांग को गोरा करने दावा करता है।  हॉस्पिटल इस ट्रीटमेंट को लेकर बहुत सतर्क रहता है क्योंकि यह ट्रीटमेंट बॉडी के एक सेंसिटिव पार्ट पर करना होता है।

बैंकॉक के इस क्लीनिक को पेनिस और वजाइना का रंग बदलने वाले 20-30 मरीज़ हर महीने मिलते हैं। इतना ही नहीं कुछ लोग यहां म्यांमार, कम्बोडिया और हॉन्गकॉन्ग से भी आ रहे हैं।

स्किन एंड लेजर डिपार्टमेंट के मैनेजर का कहना है कि ज्यादातर क्लाइंट 22 से 55 साल की उम्र के होते हैं। 

इस तरह की ट्रीटमेंट की वजह वो पारंपरिक नज़रिया है जिसमें गोरे रंग को ज्यादा तरजीह दी जाती है।


थाईलैंड की पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री ने चेताया है कि इस प्रक्रिया से गुज़रने पर दर्द, निशान, जलन, बच्चे पैदा करने और यहां तक कि सेक्स करने में भी परेशानी हो सकती है।

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