ऐसे बनायें शारीरिक संबंध, महिलाएं नहीं होंगी प्रेग्नेंट

  By : Shubham Srivastawa | December 15, 2017

नई दिल्ली। शादी अधिकांस इंसानों की ख्वाहिश होती है। हालांकि शादी के बाद लोग फैमिली प्लानिंग को लेकर काफी चिंतित रहते हैं। वहीं कुछ ऐसे दंपत्ति होते हैं जो शादी के बाद कुछ दिनों तक अपनी लाइफ बगैर बच्चों के जीना चाहते हैं।

आज के समय में लोग इसके लिए अनेकों तरीके अपना रहे हैं। इसमें कोई संदेह नहीं है कि मानव के विकास के साथ-साथ गर्भनिरोध के तरीके भी विकसित हुए हैं और इससे खासकर महिलाओं के जीवन में क्रान्तिकारी बदलाव आए हैं।

बीसवीं शताब्दी में शादी के बाद सुरक्षित शारीरिक संबंध बनाना एक बड़ी समस्या थी, क्योंकि उन दिनों आज के समय जैसी कोई भी ऐसी चीजें नहीं थीं जिससे कि जनसंख्या पर रोक लगाया जा सके। आइये आज हम आपको कुछ ऐसी जानकरी देते हैं, जिससे व्यक्ति प्राचीन समय में जनसंख्या को नियंत्रित की रोकथाम के लिए कौन-कौन हथकंडे अपनाते थे। जिससे शादी के बाद भी काफी दिनों तक शारीरिक संबंध बना सकें।

मगरमच्छ का मल गर्भनिरोधक का करता था कम

प्राचीन समय में महिलाएं शादी-शुदा जिंदगी को ज्यादा दिनों तक आनंद लेने के लिए मगरमच्छ के मल और शहद को अपने वजाइना में मालिस करती थीं। जिससे सीमेन और कर्विक्सेस के बीच एक दुरी पैदा हो जाती थी। बता दें कि मगरमच्छ के मल में मिलने वाले अम्लीय तत्व से महिलाओं के गर्भ में शुक्राणु पैदा नहीं हो पता था, इसलिए महिलाएं मगरमच्छ के मल का इस्तमाल करती थीं। यहां तक कि महिलाएं इसका प्रयोग अधिकांस यौन संबंध बनाते समय करती थीं।

नींबू करता है गर्भनिरोधक का काम

आप सोच रहे होंगे कि नींबू भला कैसे गर्भनिरोधक का काम कर सकता है, तो पाको बता दें उन दिनों निचोड़े हुए आधे नींबू का इस्तेमाल गर्भनिरोध के लिए किया जाता था। दरअसल, नींबू में साइट्रिक एसिड की मात्र अधिक पाई जाति है, जिससे शुक्राणुनाशक माना जाता था।